हे भारत! रजस और तमस को दबाकर सत्त्व प्रबल होता है। सत्त्व और तमस को दबाकर रजस प्रबल होता है, और उसी प्रकार सत्त्व और रजस को दबाकर तमस प्रबल हो जाता है।
व्याख्या
कृष्ण अर्जुन को तीन गुणों (प्रकृति के तत्त्व या स्वभाव) की कार्यप्रणाली समझा रहे हैं। हर व्यक्ति में तीनों होते हैं: सत्त्व (स्पष्टता, शुद्धता), रजस (बेचैन सक्रियता) और तमस (जड़ता, अज्ञान)। किसी क्षण कोई एक गुण बाकी दोनों को दबाकर हावी हो जाता है और हमारे मन और आचरण को ढालता है, इसलिए यह संतुलन बदलता रहता है।