मैं फिर से तुम्हें वह परम ज्ञान बताऊँगा, जो सब ज्ञानों में उत्तम है, जिसे जानकर सभी मुनि इस लोक से परम सिद्धि को प्राप्त हुए हैं।
व्याख्या
अध्याय 14 की शुरुआत में कृष्ण एक ऐसा उपदेश बताने की घोषणा करते हैं, जिसे वे सब ज्ञानों में श्रेष्ठ कहते हैं। यह इस बारे में है कि प्रकृति के तीन गुण मनुष्य को कैसे बाँधते और मुक्त करते हैं। कहा गया है कि इसे जानकर मुनि परम सिद्धि तक पहुँचे। "फिर से" (भूयः) शब्द पिछले अध्यायों, विशेषकर तेरहवें, के विषयों की ओर संकेत करता है।