हे प्रभो! जो इन तीनों गुणों से पार हो चुका है, वह किन लक्षणों से पहचाना जाता है? उसका आचरण कैसा होता है, और वह इन तीनों गुणों को कैसे पार करता है?
व्याख्या
अर्जुन ने अभी सुना कि शरीरधारी जीव प्रकृति के तीन गुणों — सत्त्व, रजस् और तमस् — से ऊपर उठकर जन्म, मृत्यु, बुढ़ापे और दुःख से मुक्त हो जाता है। यहाँ वह तीन व्यावहारिक प्रश्न पूछता है: ऐसे व्यक्ति की पहचान (लिङ्ग) क्या है, उसका आचरण कैसा है, और गुणों के पार जाने का उपाय क्या है। कृष्ण का उत्तर अगले श्लोक से शुरू होता है।