युधामन्युश्च विक्रान्त उत्तमौजाश्च वीर्यवान् ।सौभद्रो द्रौपदेयाश्च सर्व एव महारथाः ॥
yudhāmanyuśca vikrānta uttamaujāśca vīryavān |saubhadro draupadeyāśca sarva eva mahārathāḥ ||
पराक्रमी युधामन्यु, बलशाली उत्तमौजा, सुभद्रा का पुत्र और द्रौपदी के पुत्र, ये सभी निश्चय ही महारथी हैं।
व्याख्या
संजय बता रहे हैं कि दुर्योधन अपने आचार्य द्रोण से पांडव सेना के योद्धाओं के नाम गिना रहा है। इस श्लोक में यह सूची पूरी होती है। इसमें सुभद्रा के पुत्र अभिमन्यु (सौभद्र) और द्रौपदी के पाँच पुत्र भी हैं। महारथी (महारथ) उस श्रेष्ठ योद्धा को कहते हैं जिसके पास युद्ध में बहुत बल और कौशल होता है।