प्रकाश और अंधकार के ये दोनों मार्ग संसार के लिए शाश्वत माने गए हैं। एक मार्ग से जाने वाला वापस नहीं लौटता, और दूसरे से जाने वाला फिर लौट आता है।
व्याख्या
कृष्ण यहाँ उन दो मार्गों की चर्चा समाप्त करते हैं जिनसे देह छोड़ने वाली आत्मा जा सकती है: शुक्ल मार्ग, जो प्रकाश का मार्ग है, और कृष्ण मार्ग, जो धुएँ और रात्रि का मार्ग है। वे कहते हैं कि ये दोनों सृष्टि की व्यवस्था में सनातन हैं। एक मार्ग पुनर्जन्म से मुक्ति (अनावृत्ति) देता है, दूसरा लौटा लाता है। परंपराओं में मतभेद है कि ये मार्ग मृत्यु के वास्तविक समय को बताते हैं या आध्यात्मिक अवस्थाओं और उपलब्धियों को।