हे भरतश्रेष्ठ! अब मैं तुम्हें वह समय बताऊँगा, जिसमें शरीर छोड़कर गए योगी लौटकर नहीं आते, और वह समय भी, जिसमें गए हुए योगी फिर लौट आते हैं।
व्याख्या
अध्याय के आरंभ में अर्जुन ने पूछा था कि मृत्यु के समय संयमी लोग भगवान को कैसे जानते हैं। उसी के उत्तर में कृष्ण यहाँ विषय आरंभ करते हैं: कुछ समय या मार्ग ऐसे हैं जिनमें गए योगी पुनर्जन्म में नहीं लौटते (अनावृत्ति), और कुछ में लौट आते हैं (आवृत्ति)। आगे के श्लोकों में ये दो मार्ग बताए गए हैं। टीकाकार इस पर भिन्न मत रखते हैं कि ये सचमुच दिन-वर्ष के समय हैं या मार्ग के चरण और अधिष्ठाता देवता।