अथवा वह बुद्धिमान योगियों के ही कुल में जन्म लेता है। इस संसार में इस प्रकार का जन्म निश्चय ही और भी दुर्लभ है।
व्याख्या
अर्जुन की चिंता के उत्तर में कृष्ण बता रहे हैं कि जो इस जीवन में योग (आध्यात्मिक साधना) पूरा नहीं कर पाता, उसकी क्या गति होती है। पिछले श्लोक में बताए पवित्र और संपन्न घर के अलावा वह ज्ञानी योगियों के कुल में भी जन्म ले सकता है। कृष्ण इसे अधिक दुर्लभ जन्म कहते हैं, क्योंकि वहाँ साधना फिर से शुरू करने का सबसे अनुकूल वातावरण मिलता है।