जो श्रद्धा रखता है, ज्ञान पाने में तत्पर रहता है और अपनी इंद्रियों को वश में रखता है, वह ज्ञान पाता है; और ज्ञान पा लेने पर वह शीघ्र ही परम शांति को प्राप्त होता है।
व्याख्या
कृष्ण ज्ञान की महिमा बताते हुए अर्जुन को समझा रहे हैं। वे ज्ञान पाने की तीन शर्तें गिनाते हैं: श्रद्धा, उसमें तत्परता (तत्परः), और इंद्रियों का संयम (संयतेन्द्रियः)। फल है परम शांति, जो शीघ्र मिलती है। "तत्परः" में "तत्" से गुरु, ज्ञान या ईश्वर में से क्या लिया जाए, इस पर परंपराओं में मतभेद है।