हे गुडाकेश, आज यहीं मेरे इस शरीर में एक साथ स्थित चर-अचर सहित सम्पूर्ण जगत् को देख लो, और जो कुछ और भी तुम देखना चाहते हो, उसे भी।
व्याख्या
अर्जुन ने कृष्ण से उनका दिव्य विश्वरूप दिखाने की प्रार्थना की थी, उसी के उत्तर में कृष्ण कहते हैं। वे अर्जुन को अपने शरीर में एक जगह स्थित सारा संसार, चलने वाला और न चलने वाला, दिखाने को कहते हैं। "गुडाकेश" अर्जुन का नाम है, जिसका अर्थ प्रायः "निद्रा को जीतने वाला" या "घने केशों वाला" किया जाता है। साथ ही कृष्ण यह भी कहते हैं कि अर्जुन जो और कुछ देखना चाहे, वह भी देख सकता है।