madanugrahāya paramaṃ guhyamadhyātmasaṃjñitam |yattvayoktaṃ vacastena moho'yaṃ vigato mama ||
मुझ पर कृपा करके आपने अध्यात्म नामक जो परम गोपनीय वचन कहे, उनसे मेरा यह मोह दूर हो गया है।
व्याख्या
ग्यारहवें अध्याय के आरंभ में अर्जुन श्रीकृष्ण से बोल रहे हैं। वे कहते हैं कि कृष्ण ने कृपा करके आत्मा और परमात्मा के विषय में जो गूढ़ ज्ञान (अध्यात्म) बताया, उससे स्वजनों को लेकर उनका मोह दूर हो गया है। इसके बाद वे आगे के श्लोकों में कृष्ण का दिव्य रूप देखने की प्रार्थना करते हैं।