लोग तुम्हारे सदा बने रहने वाले अपयश की भी चर्चा करेंगे। और जिसने सम्मान पाया हो, उसके लिए अपयश मृत्यु से भी बढ़कर है।
व्याख्या
कृष्ण अर्जुन को युद्ध के लिए प्रेरित करते हुए अब उसकी प्रतिष्ठा की बात उठाते हैं। यदि अर्जुन युद्ध छोड़ देगा, तो लोग युगों तक उसे अपकीर्ति (अकीर्ति) के साथ याद करेंगे। कृष्ण कहते हैं कि सम्मानित योद्धा के लिए यह मृत्यु से भी बुरा है। यह तर्क सामाजिक मान और कर्तव्य पर टिका है, और पिछले श्लोक की उस चेतावनी से जुड़ता है कि अपना धर्म (स्वधर्म) छोड़ने से पाप लगेगा।