हे महाबाहो, सब कर्मों की सिद्धि के लिए सांख्य-सिद्धान्त में बताए गए इन पाँच कारणों को मुझसे समझ लो।
व्याख्या
पिछले श्लोक में कृष्ण ने कहा कि कर्मफल का त्याग करने वाले को उसके परिणाम नहीं बाँधते। अब वे इसका कारण समझाने के लिए किसी भी कर्म के पीछे के पाँच कारण बताने लगते हैं, जिनकी सूची अगले श्लोक में है। वे कहते हैं कि ये सांख्य में बताए गए हैं, जिसे यहाँ 'कृतान्त' (कर्म का अन्तिम निष्कर्ष) कहा गया है। कुछ परम्पराएँ कृतान्त को वेदान्त का अन्तिम सिद्धान्त मानती हैं, और कुछ इसे सांख्य दर्शन का अपना कर्म-विश्लेषण।